फिर मुझे तेरी आंखों ने रोक दिया,
कहा क्या था कभी दूर नहीं जाऊंगी?
मुझे तेरी यादों ने रोक दिया।
सवाल इतने हैं कि जवाब न मिले,
चुप हु इस कसर के तेरी उम्मीद ने मुझे रोक दिया।
पलकों पर सजा रखता था ना मैं तुझे,
देख मेरी नजरों ने तुझे पास आने से रोक दिया।
बड़ा गुरूर था तुझे तेरे आजादी पर,
मुझे तो तुझे कैद से निकलने के लिए रोक दिया।
यही तो कहती थी, कभी दूर न जाऊंगी,
मुझे हसी हैं, तेरे इरादों ने तुझे रोक दिया।
मेरा तो गुनाह था तेरे साथ चलने का,
बड़े बेवफाई की बातों ने मुझे रोक दिया।
अब तो पसंद भी नहीं तुझे शकल मेरी,
मुझे तेरे इश्क में जलने ने रोक दिया।
अब तो रोक दे तेरे सितम मुझपर रोक लगाने के,
खुदपर रोक लगाने ने मुझे रोक दिया।
"तासीर"
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